अखिलेश यादव ने यूपी में 2027 चुनाव का बिगुल फूंका, बोले- अगले साल BJP की विदाई तय
दिल्ली की रैली से अखिलेश यादव ने यूपी की सियासत में चुनावी तेवर तेज करते हुए भाजपा को अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता से हटाने का दावा किया।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच अखिलेश यादव ने यूपी की राजनीति को लेकर बड़ा चुनावी संदेश दिया।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता बदलाव के लिए तैयार है और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
मतदाता सूची को लेकर विपक्ष का हमला
रामलीला मैदान में आयोजित रैली में विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की।
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने रैली को लोकतंत्र की लड़ाई बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में इस आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
यूपी चुनाव पर अखिलेश का बड़ा दावा
अखिलेश यादव ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर हमला करते हुए कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता ने भाजपा को पहले ही बड़ा संदेश दिया था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को और बड़ा झटका लग सकता है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव ने रैली में भाजपा की संभावित विदाई को लेकर आक्रामक बयान दिया। उन्होंने वाराणसी में समाजवादी पार्टी की MLC चुनावी जीत का भी उल्लेख किया।
INDIA गठबंधन की रैली में कई विपक्षी नेता शामिल

रामलीला मैदान की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। रैली में मतदाता अधिकार, चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
इस रैली के बाद उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। भाजपा और विपक्ष के बीच चुनावी रणनीति, मतदाता सूची और राजनीतिक मुद्दों पर टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।
मुद्दा UP का विश्लेषण: 2027 के चुनाव से पहले मतदाता सूची का मुद्दा विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक हथियार बनता दिख रहा है। वहीं भाजपा के सामने अपने संगठन और सरकार के कामकाज के आधार पर चुनावी जवाब देने की चुनौती होगी।



