मेन्यू

लोड हो रहा है...
⚡ ब्रेकिंग न्यूज
लोड हो रहा है...

कैटेगरी चुनें

ताज़ा ख़बरें

सीएम योगी के शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की सगाई: बचपन की दोस्ती से रिश्ते तक का सफर, विदेश में पढ़ाई; कौन हैं होने वाली दुल्हन? उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक खास खबर इन दिनों चर्चा में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की सगाई की खबर सामने आने के बाद उनकी निजी जिंदगी को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। बचपन की दोस्ती, विदेश में पढ़ाई और अब शादी के बंधन में बंधने की तैयारी—इन बातों ने इस खबर को खास बना दिया है। संदीप सिंह प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण नाम हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र हैं और अतरौली विधानसभा सीट से विधायक हैं। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ उनका राजनीतिक सफर भी लगातार चर्चा में रहता है। कौन हैं संदीप सिंह की होने वाली दुल्हन मेघना चौधरी? संदीप सिंह की होने वाली जीवनसंगिनी का नाम मेघना चौधरी है। उनका परिवार मूल रूप से अलीगढ़ जिले के गोंडा ब्लॉक के रुदायन उर्फ तारापुर गांव से जुड़ा है। हालांकि, परिवार के कई सदस्य लंबे समय से गाजियाबाद में रह रहे हैं। मेघना के दादा राधेश्याम चौधरी भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं। वह अपनी पत्नी सावित्री देवी के साथ गांव में रहते हैं। मेघना के पिता अरुण चौधरी ठेकेदारी के काम से जुड़े हैं। उनके परिवार का अलीगढ़ और गाजियाबाद दोनों से संबंध है। Amar Ujala+1 दिल्ली पब्लिक स्कूल में हुई थी पहली मुलाकात मेघना चौधरी और संदीप सिंह की पहली मुलाकात अलीगढ़ के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। संदीप सिंह मेघना से सीनियर थे। दोनों के बीच स्कूल के दिनों से ही परिचय था। वर्ष 2012 में संदीप सिंह ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्कूल छोड़ दिया, जबकि मेघना ने आगे की पढ़ाई जारी रखी। समय के साथ दोनों की राहें अलग-अलग हुईं, लेकिन संपर्क बना रहा। मेघना आगे की पढ़ाई के लिए विदेश गईं। उन्होंने कानून की पढ़ाई की। इस तरह स्कूल के दिनों में शुरू हुआ परिचय आगे चलकर रिश्ते में बदलने की दिशा में बढ़ा। Amar Ujala+1 2024 में परिवारों के बीच शुरू हुई थी बातचीत रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में दोनों परिवारों के बीच इस रिश्ते को लेकर बातचीत शुरू हुई थी। संदीप सिंह के परिजन मेघना के परिवार से मिलने गाजियाबाद भी पहुंचे थे। हालांकि, उस समय कुछ पारिवारिक मतभेदों के कारण रिश्ता तय नहीं हो पाया था। बाद में दोनों परिवारों के बीच सहमति बनी और अब सगाई की तारीख तय हो गई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर स्कूल के दिनों की दोस्ती को चर्चा में ला दिया है। Amar Ujala+1 14 नवंबर को अलीगढ़ में होगी सगाई, छोटे भाई की भी रिंग सेरेमनी संदीप सिंह और मेघना चौधरी की सगाई 14 नवंबर 2026 को अलीगढ़ में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम तालानगरी स्थित रामघाट कल्याण मार्ग के मैदान में होगा। निमंत्रण पत्र के अनुसार, समारोह दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। इस आयोजन की खास बात यह है कि संदीप सिंह के छोटे भाई सौरभ सिंह वर्मा की सगाई भी इसी दिन होगी। सौरभ का रिश्ता अंतरा त्यागी के साथ तय हुआ है। दोनों भाइयों की रिंग सेरेमनी एक ही मंच से आयोजित की जाएगी। Amar Ujala Hindi News Live+1 परिवार में इस दोहरे मांगलिक आयोजन को लेकर उत्साह है। रिश्तेदारों और परिचितों को निमंत्रण भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। कब होगी शादी? जानिए क्या है अपडेट सगाई की तारीख 14 नवंबर तय होने के बाद अब शादी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में 27 नवंबर को दिल्ली में विवाह समारोह आयोजित होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार शादी की तारीख और आयोजन स्थल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए विवाह की तारीख को फिलहाल संभावित ही माना जाना चाहिए। Amar Ujala Hindi News Live+1 राजनीतिक परिवार में मांगलिक आयोजन संदीप सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र हैं। उनके पिता राजवीर सिंह पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री रह चुके हैं, जबकि उनकी मां प्रेमलता वर्मा पूर्व विधायक हैं। ऐसे में संदीप सिंह की सगाई का आयोजन केवल पारिवारिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि अलीगढ़ के चर्चित राजनीतिक परिवार में होने वाला एक महत्वपूर्ण मांगलिक समारोह भी माना जा रहा है। Amar Ujala Hindi News Live+1 बचपन में स्कूल से शुरू हुई पहचान, अलग-अलग शैक्षणिक यात्राएं और अब परिवारों की सहमति से तय हुआ रिश्ता—संदीप सिंह और मेघना चौधरी की कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। 14 नवंबर को होने वाली सगाई के साथ दोनों के रिश्ते को औपचारिक रूप मिलने जा रहा है।

समाचार पढ़ें

पंचांग

# यूपी में आपदा पीड़ितों को बड़ी राहत: मौत पर अब 8 लाख रुपये मुआवजा, फसल नुकसान पर 30% तक बढ़ी क्षतिपूर्ति **लखनऊ।** उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और आम लोगों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिजनों को चार लाख रुपये के बजाय आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही फसलों, पशुधन और मकानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। नए राहत मानकों के तहत एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 के बीच हुए नुकसान की भरपाई भी की जाएगी। राज्य सरकार ने राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत मिलने वाली सहायता के मानकों में बदलाव किया है। ये नए मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे। ## आपदा में मौत होने पर दोगुना मुआवजा प्राकृतिक आपदा के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अब उसके आश्रित परिवार को आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। पहले यह राशि चार लाख रुपये निर्धारित थी। सरकार के इस फैसले से बाढ़, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। ## फसल बर्बाद होने पर किसानों को अब ज्यादा मदद किसानों के लिए सबसे अहम बदलाव फसल क्षति की सहायता राशि में किया गया है। सिंचित और असिंचित दोनों प्रकार की जमीनों पर फसल नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा बढ़ाया गया है। नई दरों के मुताबिक: – **सिंचित क्षेत्र:** पहले 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलते थे, अब 22,000 रुपये मिलेंगे। – **असिंचित क्षेत्र:** पहले 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता थी, अब 11,000 रुपये मिलेगी। – **बारहमासी फसलें और कृषि वानिकी:** सहायता राशि 22,500 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। – **खेतों से गाद हटाने के लिए:** 18,000 रुपये की जगह अब 23,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी। – **भूस्खलन से कृषि भूमि को नुकसान:** सहायता 47,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है। इन बदलावों से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी मेहनत की कमाई प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद हो जाती है। ## पशुओं की मौत पर भी बढ़ा मुआवजा सरकार ने पशुपालकों को भी राहत दी है। प्राकृतिक आपदा में पशुधन की मृत्यु होने पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ा दी गई है। – गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मृत्यु पर 40,000 रुपये के बजाय 50,000 रुपये मिलेंगे। – बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं की मृत्यु पर 4,000 रुपये के बजाय 5,500 रुपये दिए जाएंगे। – गधे और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं की मृत्यु पर 20,000 रुपये के बजाय 25,400 रुपये मिलेंगे। – मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी 100 रुपये के बजाय 130 रुपये की सहायता मिलेगी (100 मुर्गियों तक के निर्धारित प्रावधान के तहत)। ## मकान क्षतिग्रस्त होने पर भी मिलेगी आर्थिक सहायता प्राकृतिक आपदा में मकान गिरने या क्षतिग्रस्त होने पर प्रभावित परिवारों को भी राहत दी जाएगी। नए मानकों के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए 93,000 रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। ## राहत शिविरों में 30 दिन तक मिलेगी मदद आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में 30 दिनों तक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं गंभीर सूखे की स्थिति में प्रभावित इलाकों में 90 दिनों तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि तय की है। प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तक और माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कॉलेजों तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए 26 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकेगी। ## 10 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फायदा राज्य आपदा राहत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 के बीच प्रदेश में 10,02,684 किसानों की करीब 52.14 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इसके अलावा इस अवधि में 3,537 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है। लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। साथ ही लाभार्थियों की सूची और पात्रता का आधार सार्वजनिक करने की व्यवस्था की गई है, जिससे राहत वितरण में पारदर्शिता बनी रहे। **कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह फैसला प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और आम परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को दोगुनी आर्थिक सहायता मिलेगी, वहीं फसल और पशुधन के नुकसान की भरपाई के लिए भी पहले से अधिक धनराशि उपलब्ध होगी।**

धर्म

# यूपी में आपदा पीड़ितों को बड़ी राहत: मौत पर अब 8 लाख रुपये मुआवजा, फसल नुकसान पर 30% तक बढ़ी क्षतिपूर्ति **लखनऊ।** उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और आम लोगों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिजनों को चार लाख रुपये के बजाय आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही फसलों, पशुधन और मकानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। नए राहत मानकों के तहत एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 के बीच हुए नुकसान की भरपाई भी की जाएगी। राज्य सरकार ने राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत मिलने वाली सहायता के मानकों में बदलाव किया है। ये नए मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे। ## आपदा में मौत होने पर दोगुना मुआवजा प्राकृतिक आपदा के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अब उसके आश्रित परिवार को आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। पहले यह राशि चार लाख रुपये निर्धारित थी। सरकार के इस फैसले से बाढ़, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। ## फसल बर्बाद होने पर किसानों को अब ज्यादा मदद किसानों के लिए सबसे अहम बदलाव फसल क्षति की सहायता राशि में किया गया है। सिंचित और असिंचित दोनों प्रकार की जमीनों पर फसल नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा बढ़ाया गया है। नई दरों के मुताबिक: – **सिंचित क्षेत्र:** पहले 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलते थे, अब 22,000 रुपये मिलेंगे। – **असिंचित क्षेत्र:** पहले 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता थी, अब 11,000 रुपये मिलेगी। – **बारहमासी फसलें और कृषि वानिकी:** सहायता राशि 22,500 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। – **खेतों से गाद हटाने के लिए:** 18,000 रुपये की जगह अब 23,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी। – **भूस्खलन से कृषि भूमि को नुकसान:** सहायता 47,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है। इन बदलावों से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी मेहनत की कमाई प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद हो जाती है। ## पशुओं की मौत पर भी बढ़ा मुआवजा सरकार ने पशुपालकों को भी राहत दी है। प्राकृतिक आपदा में पशुधन की मृत्यु होने पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ा दी गई है। – गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मृत्यु पर 40,000 रुपये के बजाय 50,000 रुपये मिलेंगे। – बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं की मृत्यु पर 4,000 रुपये के बजाय 5,500 रुपये दिए जाएंगे। – गधे और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं की मृत्यु पर 20,000 रुपये के बजाय 25,400 रुपये मिलेंगे। – मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी 100 रुपये के बजाय 130 रुपये की सहायता मिलेगी (100 मुर्गियों तक के निर्धारित प्रावधान के तहत)। ## मकान क्षतिग्रस्त होने पर भी मिलेगी आर्थिक सहायता प्राकृतिक आपदा में मकान गिरने या क्षतिग्रस्त होने पर प्रभावित परिवारों को भी राहत दी जाएगी। नए मानकों के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए 93,000 रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। ## राहत शिविरों में 30 दिन तक मिलेगी मदद आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में 30 दिनों तक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं गंभीर सूखे की स्थिति में प्रभावित इलाकों में 90 दिनों तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि तय की है। प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तक और माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कॉलेजों तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए 26 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकेगी। ## 10 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फायदा राज्य आपदा राहत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 के बीच प्रदेश में 10,02,684 किसानों की करीब 52.14 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इसके अलावा इस अवधि में 3,537 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है। लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। साथ ही लाभार्थियों की सूची और पात्रता का आधार सार्वजनिक करने की व्यवस्था की गई है, जिससे राहत वितरण में पारदर्शिता बनी रहे। **कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह फैसला प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और आम परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को दोगुनी आर्थिक सहायता मिलेगी, वहीं फसल और पशुधन के नुकसान की भरपाई के लिए भी पहले से अधिक धनराशि उपलब्ध होगी।**

आंध्र प्रदेश

# यूपी में आपदा पीड़ितों को बड़ी राहत: मौत पर अब 8 लाख रुपये मुआवजा, फसल नुकसान पर 30% तक बढ़ी क्षतिपूर्ति **लखनऊ।** उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और आम लोगों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिजनों को चार लाख रुपये के बजाय आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही फसलों, पशुधन और मकानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। नए राहत मानकों के तहत एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 के बीच हुए नुकसान की भरपाई भी की जाएगी। राज्य सरकार ने राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत मिलने वाली सहायता के मानकों में बदलाव किया है। ये नए मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे। ## आपदा में मौत होने पर दोगुना मुआवजा प्राकृतिक आपदा के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अब उसके आश्रित परिवार को आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। पहले यह राशि चार लाख रुपये निर्धारित थी। सरकार के इस फैसले से बाढ़, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। ## फसल बर्बाद होने पर किसानों को अब ज्यादा मदद किसानों के लिए सबसे अहम बदलाव फसल क्षति की सहायता राशि में किया गया है। सिंचित और असिंचित दोनों प्रकार की जमीनों पर फसल नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा बढ़ाया गया है। नई दरों के मुताबिक: – **सिंचित क्षेत्र:** पहले 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलते थे, अब 22,000 रुपये मिलेंगे। – **असिंचित क्षेत्र:** पहले 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता थी, अब 11,000 रुपये मिलेगी। – **बारहमासी फसलें और कृषि वानिकी:** सहायता राशि 22,500 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। – **खेतों से गाद हटाने के लिए:** 18,000 रुपये की जगह अब 23,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी। – **भूस्खलन से कृषि भूमि को नुकसान:** सहायता 47,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है। इन बदलावों से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी मेहनत की कमाई प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद हो जाती है। ## पशुओं की मौत पर भी बढ़ा मुआवजा सरकार ने पशुपालकों को भी राहत दी है। प्राकृतिक आपदा में पशुधन की मृत्यु होने पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ा दी गई है। – गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मृत्यु पर 40,000 रुपये के बजाय 50,000 रुपये मिलेंगे। – बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं की मृत्यु पर 4,000 रुपये के बजाय 5,500 रुपये दिए जाएंगे। – गधे और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं की मृत्यु पर 20,000 रुपये के बजाय 25,400 रुपये मिलेंगे। – मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी 100 रुपये के बजाय 130 रुपये की सहायता मिलेगी (100 मुर्गियों तक के निर्धारित प्रावधान के तहत)। ## मकान क्षतिग्रस्त होने पर भी मिलेगी आर्थिक सहायता प्राकृतिक आपदा में मकान गिरने या क्षतिग्रस्त होने पर प्रभावित परिवारों को भी राहत दी जाएगी। नए मानकों के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए 93,000 रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। ## राहत शिविरों में 30 दिन तक मिलेगी मदद आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में 30 दिनों तक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं गंभीर सूखे की स्थिति में प्रभावित इलाकों में 90 दिनों तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि तय की है। प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तक और माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कॉलेजों तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए 26 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकेगी। ## 10 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फायदा राज्य आपदा राहत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 के बीच प्रदेश में 10,02,684 किसानों की करीब 52.14 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इसके अलावा इस अवधि में 3,537 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है। लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। साथ ही लाभार्थियों की सूची और पात्रता का आधार सार्वजनिक करने की व्यवस्था की गई है, जिससे राहत वितरण में पारदर्शिता बनी रहे। **कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह फैसला प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और आम परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को दोगुनी आर्थिक सहायता मिलेगी, वहीं फसल और पशुधन के नुकसान की भरपाई के लिए भी पहले से अधिक धनराशि उपलब्ध होगी।**

वीडियो

लेटेस्ट वीडियो देखें
और देखें

मनोरंजन

ट्रेंडिंग न्यूज़

विज्ञापन

विज्ञापन

ई-पेपर

आज की टॉप 20 खबरें | 3 नवंबर 2026

1. आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासु, कई इलाकों में भारी बारिश चक्रवात मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तट के पास दस्तक दी

न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें

लेटेस्ट खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाएं