
हरियाणा के करनाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और घुसपैठियों को चुन-चुनकर देश से बाहर निकालने का काम किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राष्ट्रीय राजनीति में घुसपैठ और नागरिकता का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
अमित शाह के हरियाणा दौरे के दौरान दिए गए इस बयान को केंद्र सरकार की सुरक्षा नीति और अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है। भाजपा लंबे समय से घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा, जनसांख्यिकी और सीमा प्रबंधन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताती रही है।
करनाल में अमित शाह का पदयात्रा कार्यक्रम
अमित शाह का हरियाणा दौरा 5 नवंबर को निर्धारित था। करनाल में वह भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा में शामिल हुए। यह अभियान विपक्ष की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में चलाया जा रहा है।
करनाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी की तैयारी की गई थी। पदयात्रा सेक्टर-12 से शुरू होकर महात्मा गांधी चौक तक प्रस्तावित थी। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई थी।
घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र सरकार का सख्त रुख
अमित शाह पहले भी कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं। उनका कहना है कि देश में केवल भारतीय नागरिकों को ही मतदाता सूची में शामिल होने का अधिकार है और अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हैदराबाद में 2 नवंबर को दिए गए बयान में भी शाह ने घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाने और देश से बाहर निकालने की बात कही थी। उन्होंने विपक्ष पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।
SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। भाजपा का दावा है कि इस प्रक्रिया से फर्जी, दोहरे और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जा सकेंगे। वहीं, विपक्ष ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं।
अमित शाह ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को संसद में चर्चा की चुनौती भी दी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार SIR, घुसपैठ और ईवीएम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
हरियाणा दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम
केंद्रीय गृह मंत्री के करनाल दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए कई प्रमुख सड़कों पर डायवर्जन की व्यवस्था भी की गई थी।
प्रशासन के अनुसार, कार्यक्रम की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।
निष्कर्ष
करनाल में अमित शाह का घुसपैठ के मुद्दे पर दिया गया कथित बयान भाजपा की राजनीतिक रणनीति और केंद्र सरकार की सुरक्षा नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घुसपैठ, मतदाता सूची और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे आगामी राजनीतिक बहस में भी प्रमुख बने रह सकते हैं।
हालांकि, करनाल में दिए गए बयान के शब्दशः आधिकारिक विवरण की पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इस खबर में शीर्षक के कथन को अमित शाह के बयान के रूप में प्रस्तुत करते समय आधिकारिक रिकॉर्ड या कार्यक्रम की वीडियो पुष्टि करना उचित होगा।



