राजधानी लखनऊ में बारिश के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली लाइनों में फॉल्ट और तारों पर पेड़ गिरने के कारण कई क्षेत्रों में दो से सात घंटे तक बिजली गुल रही। वहीं, नगराम क्षेत्र के समेसी उपकेंद्र से जुड़े करीब 80 गांवों में लगभग नौ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को बारिश के दौरान कई जगह बिजली लाइनों पर पेड़ और उनकी शाखाएं गिर गईं। इससे 33 केवी और अन्य बिजली लाइनों में फॉल्ट आ गया। काकोरी में हरदोई रोड स्थित सेंट क्लियर स्कूल के पास 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से कस्बे के साथ करीब 30 गांवों की बिजली प्रभावित हुई। यहां दोपहर तीन बजे से शाम 6:30 बजे तक आपूर्ति बाधित रही।
शहर के गुडंबा, अमीनाबाद और माल इलाके में भी लोगों को बिजली कटौती झेलनी पड़ी। गुडंबा के बालाजी इंक्लेव फीडर से जुड़े इलाकों में दोपहर के समय बिजली गुल रही, जबकि अमीनाबाद के श्रीराम रोड और गड़बड़झाला क्षेत्र में दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक आपूर्ति बाधित रही। माल क्षेत्र के शंकरपुर, गहदेव और नरायनपुर फीडर भी प्रभावित हुए।
बिजली कटौती का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहता। पानी की मोटर बंद होने से पेयजल की समस्या बढ़ती है। मोबाइल चार्जिंग, छोटे कारोबार, दुकानों और घरेलू कामकाज पर भी असर पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली न रहने से किसानों और आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण रही। समेसी उपकेंद्र से जुड़े करीब 80 गांवों में सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। समेसी, रसूलपुर, मितौली कुबहरा, करोरा और अचली खेड़ा सहित कई गांवों के उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। निगोहां सबस्टेशन से जुड़े उदयपुर, भावाखेड़ा, मदारीखेड़ा और रघुनाथखेड़ा समेत कई गांवों में भी फॉल्ट के कारण सुबह से शाम तक बिजली बाधित रही|
बारिश के दौरान पेड़ गिरने और तकनीकी फॉल्ट से आपूर्ति प्रभावित होना संभव है, लेकिन सवाल यह है कि बिजली विभाग की इमरजेंसी व्यवस्था कितनी तैयार है? क्या प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मरम्मत टीमें और उपकरण उपलब्ध हैं? शिकायत दर्ज कराने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली बहाली का सही समय क्यों नहीं बताया जाता?
जनता को सिर्फ बिजली बिल नहीं, निर्बाध और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति भी चाहिए। अब सवाल है कि अगली बारिश से पहले विभाग ऐसी व्यवस्था करेगा, जिससे शहर और गांव के लोगों को घंटों अंधेरे में न रहना पड़े?



