सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कीमतों का हिसाब होगा सार्वजनिक, 1 नवंबर से लागू हुआ नया नियम; मरीजों को मिलेगी राहत

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उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए दवाओं की कीमतों से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव लागू हुआ है। राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अस्पतालों में संचालित फार्मेसी को दवाओं की खरीद और बिक्री की कीमतें प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था 1 नवंबर से लागू की गई है।
इस कदम का उद्देश्य दवाओं की कीमतों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों को यह जानकारी उपलब्ध कराना है कि अस्पताल किस कीमत पर दवा खरीदता है और मरीज से कितनी राशि ली जा रही है।
दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर सामने आया
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में दवाओं की कीमतों को लेकर निरीक्षण किया था।
जांच के दौरान कुछ दवाओं की खरीद कीमत और उनके पैकेट पर लिखे अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के बीच काफी अंतर पाया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ दवाओं का MRP अस्पताल की खरीद कीमत से 67 गुना तक अधिक था।
विभाग ने इस अंतर को मरीजों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा माना और दवा आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत बताई।
अस्पतालों की फार्मेसी में क्या बदलेगा?
नए निर्देशों के तहत अस्पतालों में संचालित फार्मेसी को दवाओं की खरीद और बिक्री की कीमतों की सूची प्रदर्शित करनी होगी। इससे मरीजों को दवा खरीदते समय कीमत की जानकारी मिल सकेगी।
इसके अलावा, खुदरा फार्मेसी को अपनी वेबसाइट पर लाइसेंस नंबर, नियुक्त फार्मासिस्ट, लाइसेंस प्राप्त परिसर और स्टॉक से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी। यह जानकारी हर सप्ताह अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
महंगी दवाओं पर भी नजर
विभाग ने महंगी दवाओं, कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं, उच्च श्रेणी के एंटीबायोटिक्स और महंगे इंजेक्शन की कीमतों को लेकर भी चिंता जताई है।
कुछ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागत आधारित मूल्य निर्धारण मॉडल का इस्तेमाल किया जाता है। इस मॉडल में मरीज से ली जाने वाली कीमत अस्पताल की वास्तविक खरीद लागत से जुड़ी होती है।
विभाग ने राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) से दवाओं के व्यापारिक मार्जिन और MRP निर्धारण की समीक्षा करने का अनुरोध भी किया है।



