
मजबूत तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
बिजनेस डेस्क
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को कारोबार के दौरान जोरदार तेजी दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बीएसई सेंसेक्स 1.66 प्रतिशत चढ़कर 75,692.78 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 में 1.68 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,440.8 अंक पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों ने करीब दो महीने का उच्च स्तर छुआ।
Reuters के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 11.6 प्रतिशत की तेजी आई। कंपनी के सितंबर तिमाही के मुनाफे में 40.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज हुई, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर रही। रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार के बेहतर प्रदर्शन के साथ टेलीकॉम इकाई Jio की लाभप्रदता में सुधार ने भी कंपनी के नतीजों को मजबूती दी।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 109 डॉलर प्रति बैरल तक आई, जबकि हाल में यह लगभग 118 डॉलर के छह महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी। अमेरिका-ईरान तनाव कम करने के लिए जारी बातचीत से बाजार में उम्मीदें बढ़ीं।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट राहत दे सकती है। इससे आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की संभावना रहती है। हालांकि, तेल की कीमतों में आगे का रुख पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक आपूर्ति पर निर्भर करेगा।
कई सेक्टरों में खरीदारी
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार के 16 प्रमुख सेक्टरों में से 13 में बढ़त दर्ज की गई। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। ऑटो शेयरों को बिक्री से जुड़ी उम्मीदों का समर्थन मिला, जबकि हालिया तेजी के बाद आईटी शेयरों में कुछ कमजोरी रही।
बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कंपनियों के तिमाही नतीजे आगे भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
निष्कर्ष: रिलायंस के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल में नरमी ने बाजार को सहारा दिया। आगे की तेजी टिकाऊ होगी या नहीं, यह वैश्विक हालात और कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।



