यूपी में मतदाता सूची का बड़ा अभियान, एक करोड़ से ज्यादा नए वोटर जोड़ने का लक्ष्य; पंचायत और विधानसभा सूची का होगा मिलान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision) के तहत एक करोड़ से अधिक नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्वाचन विभाग के सामने विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची और ग्रामीण पंचायतों तथा शहरी निकायों के मतदाता आंकड़ों के बीच अंतर का मुद्दा भी सामने आया है। इसी को देखते हुए मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की कवायद तेज की जा रही है।
मतदाता सूची में अंतर का मामला
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पंचायतों की मतदाता सूची और विधानसभा की मतदाता सूची के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।
इस अंतर को दूर करने के लिए दोनों सूचियों का मिलान करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाता सूची में शामिल हों और मतदाता सूची में मौजूद आंकड़ों को व्यवस्थित किया जा सके।
नए मतदाताओं को मिलेगा मौका
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया की जाती है।
इस अभियान के तहत एक करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को जोड़ने का लक्ष्य प्रदेश की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम आंकड़ा पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम तैयारी
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर यह अभियान राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची की शुद्धता चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का अहम हिस्सा है।



