कन्नौज हत्याकांड: ‘मां चीखती रही… कोई बचाओ’, मासूम बेटे ने बताई खौफनाक वारदात; ताऊ के कहने पर मां को जलाने का आरोप
कन्नौज: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। छिबरामऊ क्षेत्र के जगतपुर गांव में 30 वर्षीय सोनम की आग में जलकर मौत हो गई। इस मामले में मृतका के मासूम बेटे वेदांत ने जो बातें बताई हैं, वे बेहद दर्दनाक हैं। बच्चे का आरोप है कि उसकी मां को तार से बांधा गया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। उसने यह भी दावा किया कि ताऊ ने पिता को मां को मारने के लिए कहा था।
‘मां चिल्लाती रही, कोई बचाओ…’
अमर उजाला की 6 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम के बेटे वेदांत ने ग्रामीणों के सामने घटना की आपबीती सुनाई। बच्चे ने बताया कि सुबह ताऊ ने पैसे देकर पेट्रोल मंगवाया था। इसके बाद पिता और परिवार के अन्य सदस्य इस वारदात में शामिल हुए।
बेटे के अनुसार, मां को कमरे के अंदर बेड पर लिटाकर उनके हाथ तार से बांध दिए गए। इसके बाद उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। आग की लपटों के बीच मां लगातार चिल्लाती रहीं और मदद की गुहार लगाती रहीं, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
बच्चे ने बताया कि घटना के बाद पिता उसे जबरन बाइक पर बैठाकर ले जा रहे थे। इसी दौरान वह किसी तरह बाइक से कूदकर पुलिस चौकी पहुंच गया।
क्या है पूरा मामला?
घटना छिबरामऊ थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव की है। मृतका सोनम की उम्र करीब 30 वर्ष थी। उसके पति सुखबीर सिंह उर्फ मोनू हरियाणा के हिसार में एक निजी कंपनी में काम करते थे। करीब 15 दिन पहले परिवार गांव लौटा था।
पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पति को पत्नी के किसी स्थानीय युवक से संबंध होने का शक था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। घटना से पहले भी दोनों पक्षों के बीच पुलिस चौकी में बातचीत और समझौते की कोशिश हुई थी।
गुरुवार सुबह विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि सुखबीर ने पेट्रोल डालकर सोनम को आग के हवाले कर दिया। आग बुझाने में दमकल कर्मियों को करीब डेढ़ घंटे लगे। घर के अंदर से महिला के अवशेष बरामद किए गए।
पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
मामले में बच्चे के बयान और पुलिस की शुरुआती जांच के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी सामने आए हैं। जहां बेटे ने हाथ तार से बांधने और ताऊ की भूमिका का आरोप लगाया है, वहीं छिबरामऊ कोतवाल कपिल दुबे ने अमर उजाला को बताया कि जांच में महिला को बांधने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुखबीर ने पूछताछ में पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास स्वीकार किया है। वहीं, अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
इस घटना ने परिवार के दो मासूम बच्चों की जिंदगी भी पूरी तरह बदल दी है। सात वर्षीय बेटा वेदांत और पांच वर्षीय बेटी वेदिका अब मां के साये से वंचित हो गए हैं। जिस घर में बच्चों का बचपन बीतना था, वहीं उनके सामने ऐसी भयावह घटना हुई।
बड़ा सवाल यह है कि घरेलू विवाद और शक किस तरह एक महिला की जान लेने तक पहुंच गया? साथ ही, बच्चे द्वारा लगाए गए अन्य परिजनों की भूमिका के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।



