3. योगी आदित्यनाथ का दावा: 2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर, स्टार्टअप और रोजगार पर जोर
योगी आदित्यनाथ बोले- यूपी में नौकरी तलाशने वालों से नौकरी देने वाले बन रहे युवा, स्टार्टअप पर बड़ा दावा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में वर्ष 2017 के बाद हुए बदलावों को रेखांकित करते हुए रोजगार, स्टार्टअप, खेल और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है। 29 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने युवाओं को लेकर कहा कि प्रदेश में अब नौकरी तलाशने वालों के साथ-साथ रोजगार पैदा करने वाले युवा भी आगे बढ़ रहे हैं।
स्टार्टअप और युवा उद्यमियों पर फोकस
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने यूथ आइकॉन्स समिट एंड अवॉर्ड्स के उत्तर प्रदेश संस्करण में राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 25 हजार हो गई है। उन्होंने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक हजार करोड़ रुपये के फंड और युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कानपुर में ड्रोन तकनीक और नोएडा में रोबोटिक्स से जुड़े केंद्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी गारंटी योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत हर साल एक लाख युवाओं को कारोबार शुरू करने के लिए गारंटी-मुक्त और ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य बताया गया।
खेल और बुनियादी ढांचे का भी जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर देने की नीति का उल्लेख किया। रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया कि अब तक 1,400 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने एक्सप्रेसवे, हवाई संपर्क और परिवहन ढांचे के विस्तार को भी राज्य में आए बदलावों का हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को कौशल, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा सकें। हालांकि, सरकार के इन दावों का पूरा आकलन करने के लिए रोजगार, स्टार्टअप के सक्रिय संचालन, निवेश और योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि भी महत्वपूर्ण होगी।




