प्रदर्शन में पेलेट गन के इस्तेमाल की जांच: सुप्रीम कोर्ट की समिति आज दर्ज करेगी बयान
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प्रदर्शन में पेलेट गन के कथित इस्तेमाल की जांच, सुप्रीम कोर्ट की समिति 29 अक्टूबर को सुनेगी प्रभावित लोगों को
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती और पेलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच कर रही सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित उच्चस्तरीय जांच समिति 29 अक्टूबर को प्रभावित लोगों के बयान और साक्ष्य दर्ज करने के लिए बैठक कर रही है। समिति का काम प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, कथित अत्यधिक बल प्रयोग और इससे प्रभावित लोगों की शिकायतों की जांच करना है।
किन आरोपों की होगी जांच?
रेडिफ की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, समिति विशेष रूप से पेलेट गन के कथित इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित उत्पीड़न, लक्षित हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने जैसे मुद्दों पर साक्ष्य जुटाएगी। समिति 29 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से कार्यवाही करेगी। प्रभावित लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित समय के दौरान अपनी शिकायतें या साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। समिति में अन्य न्यायिक और जांच सेवाओं के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।
शिकायत और साक्ष्य जमा करने की व्यवस्था
प्रभावित लोगों, गवाहों और संबंधित पक्षों की शिकायतें प्राप्त करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। इसके जरिए निर्धारित प्रारूप में बयान, शिकायत और संबंधित दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गवाहों की सुरक्षा और संवेदनशील शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया तैयार की गई है।

समिति की यह कार्यवाही प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग को लेकर उठे आरोपों की जांच में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, समिति के समक्ष बयान दर्ज होना या आरोपों की जांच होना अपने आप में किसी पक्ष के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष समिति की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आकलन के बाद ही सामने आएंगे। जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के कथित इस्तेमाल और पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच कर रही सुप्रीम कोर्ट की समिति 29 अक्टूबर को बयान और साक्ष्य दर्ज करेगी।



