
विधान परिषद चुनाव: अखिलेश बोले- धूमधाम मचाने वाले धड़ाम से गिरे, भाजपा पांच सीट नहीं 50 जिलों में हारी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल पांच सीटों पर नहीं हारी, बल्कि उसे 50 जिलों में राजनीतिक नुकसान हुआ है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, “धूमधाम मचाने वाले धड़ाम से गिर गए।”
शुक्रवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव परिणामों को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए दावा किया कि जनता का रुझान बदल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधान परिषद की छह सीटें छल और बेईमानी से जीती हैं। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक दावे हैं; इन्हें चुनावी धांधली का प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
11 सीटों में भाजपा को छह, सपा को पांच पर जीत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। सपा ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में खास प्रदर्शन किया और लखनऊ, इलाहाबाद-झांसी तथा वाराणसी की सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा ने शिक्षक और स्नातक दोनों वर्गों में अपनी सीटें दर्ज कीं।
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा प्रत्याशियों को शिक्षकों, युवाओं और मतदाताओं का समर्थन मिला है। उन्होंने जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई देने के साथ चुनाव में सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का आभार जताया।
वाराणसी में भाजपा को बताया ‘डबल इंजन का डबल जीरो’
अखिलेश यादव ने वाराणसी में भाजपा की हार को लेकर विशेष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वाराणसी में भाजपा को ‘डबल इंजन का डबल जीरो’ मिला है। उनका आरोप था कि मतगणना और दोबारा मतगणना के दौरान भी भाजपा को जीत नहीं मिल सकी।
सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान अनियमितताएं हुईं और प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने अमरोहा में 94 प्रतिशत मतदान को लेकर भी सवाल उठाए।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा
अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव का संकेत बताते हुए कहा कि 2027 में सपा और उसके सहयोगी दल रिकॉर्ड जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक, स्नातक, व्यापारी और समाज के अलग-अलग वर्ग भाजपा से नाराज हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुकाबले ज्यादा महिलाओं को टिकट देगी। इसके अलावा अखिलेश ने 26 नवंबर को शिक्षकों के लिए विशेष योजनाओं वाला घोषणा पत्र जारी करने की बात कही।
राजनीतिक नजरिए से विधान परिषद चुनाव के ये नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा, दोनों के लिए अहम माने जा रहे हैं। जहां भाजपा ने कुल छह सीटें जीतकर बढ़त बनाई, वहीं सपा की पांच सीटों की जीत ने प्रदेश की राजनीति में मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।



