कानपुर: कैसे करा रहा था मां का महंगा इलाज? मां बोलीं- बर्रा के दोस्त ने अंकित को फंसाया, कार खरीदने की कर रहा था तैयारी

कानपुर | क्राइम डेस्क
उत्तर प्रदेश के कानपुर में यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए अंकित शंखवार को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोपों में पकड़े गए अंकित के परिवार ने उसे निर्दोष बताया है। उसकी मां सावित्री शंखवार का दावा है कि बर्रा-8 के दामोदर नगर में रहने वाले उसके एक दोस्त ने उसे फंसाया है। परिवार के मुताबिक, अंकित शेयर मार्केट में पैसा लगाने की बात कहता था और इसी कमाई से घर का खर्च उठाने के साथ मां का महंगा इलाज भी करा रहा था।
मां के लीवर और आंखों का करा रहा था इलाज
अंकित के पिता प्रहलाद शंखवार और मां सावित्री मजदूरी व मेहनत-मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अंकित को इंटरमीडिएट के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। वह कभी-कभी मजदूरी भी करता था।
परिजनों के मुताबिक, अंकित मोबाइल और लैपटॉप पर काफी समय बिताता था। जब घरवाले उससे पूछते तो वह बताता था कि शेयर मार्केट में पैसा लगा रहा है और इससे उसे आमदनी होती है। परिवार का कहना है कि इसी कमाई से वह घर का खर्च चलाता था और अपनी मां के लीवर तथा आंखों का इलाज निजी अस्पताल में करा रहा था।
भाई को फ्लैट दिलाने का भी दिया था भरोसा
परिवार के अनुसार, अंकित ने शेयर मार्केट में मुनाफा होने की बात अपने बड़े भाई अतीत को भी बताई थी। उसने बड़े भाई को प्रधानमंत्री आवास योजना में फ्लैट दिलाने का भरोसा दिया था। बताया जा रहा है कि अंकित ने हाल ही में नई कार खरीदने की तैयारी की थी। उसकी इस बात पर परिजन भी हैरान थे और उन्होंने उससे इतनी रकम आने का जरिया पूछा था।
बर्रा के दोस्त पर मां ने लगाया फंसाने का आरोप
अंकित की मां सावित्री का आरोप है कि बर्रा-8 के दामोदर नगर में रहने वाला उसका एक दोस्त गलत गतिविधियों में शामिल है। मां का दावा है कि उसी दोस्त ने अंकित को इस मामले में फंसाया है। परिवार को अब भी भरोसा नहीं हो रहा कि अंकित किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो सकता है।
हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच एजेंसियों की जांच जारी है।
यूपी एटीएस ने किया था गिरफ्तार
जानकारी के मुताबिक, यूपी एटीएस ने कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के सकरारपुर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट से अंकित शंखवार को हिरासत में लिया था। परिजनों का कहना है कि शनिवार को कॉलोनी में घूमते समय दो लोग उसे अपने साथ ले गए थे और पूछताछ के बाद छोड़ने की बात कही थी।
दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एटीएस को अंकित पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े लोगों को फर्जी ई-मेल आईडी उपलब्ध कराने का संदेह है। आरोप है कि इन ई-मेल आईडी का इस्तेमाल बम धमकी वाले संदेश भेजने में किया जाता था।
फिलहाल इस मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और पूछताछ से आगे की जानकारी सामने आने का इंतजार है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शेयर मार्केट से कमाई करने का दावा करने वाला अंकित आखिर इतनी रकम कहां से ला रहा था? क्या वह वास्तव में शेयर बाजार में निवेश कर रहा था या इसके पीछे कोई दूसरा नेटवर्क काम कर रहा था? जांच में इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।



