आगरा में दिवाली से पहले वायु प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। सड़कों की खुदाई, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल और वाहनों के धुएं ने शहर की हवा को प्रदूषित कर दिया है। शहीद नगर इलाके में एक्यूआई (AQI) बढ़ने की खबर ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। त्योहार से पहले हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
9 में से 32 चौराहों पर प्रदूषण, शहीद नगर की हवा भी खराब
दिवाली से पहले आगरा में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 29 अक्टूबर को आगरा स्मार्ट सिटी के सेंसरों के आंकड़ों के अनुसार बारहखंभा रेलवे पुल के पास एक्यूआई 413 दर्ज किया गया, जबकि शहीद नगर में 391 और राजामंडी में 361 तक पहुंच गया। इन इलाकों में सड़क खुदाई और निर्माण कार्यों के कारण धूल उड़ने की समस्या सामने आई। शहर के 39 चौराहों में से 32 पर हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
एक्यूआई का 300 से ऊपर पहुंचना स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर स्थिति मानी जाती है। ऐसे में शहीद नगर जैसे व्यस्त रिहायशी इलाकों में प्रदूषण का बढ़ना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय है।
सड़क खुदाई और निर्माण कार्य बन रहे परेशानी
शहर में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण और खुदाई के कार्यों से धूल उड़ने की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा ट्रैफिक जाम, टूटी सड़कें और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियां भी वायु प्रदूषण को बढ़ावा दे रही हैं।
सड़कों पर उड़ने वाली धूल में मौजूद पीएम-10 और पीएम-2.5 जैसे सूक्ष्म कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इससे आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अस्थमा और अन्य सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
नगर निगम ने शुरू कराया पानी का छिड़काव
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नगर निगम ने सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी के छिड़काव की व्यवस्था की है। 31 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में 18 टैंकरों के माध्यम से दिन में तीन बार पानी का छिड़काव किया जा रहा था। वहीं, सड़कों की सफाई के लिए सात मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें लगाई गईं।
दिवाली तक सड़कों की खुदाई और नए पानी के कनेक्शन जारी करने पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने त्योहार के दौरान आवागमन सुचारु रखने, सड़कों की मरम्मत और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया है।
प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
-
प्रदूषण अधिक होने पर सुबह और शाम खुले में व्यायाम करने से बचें।
-
सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें।
-
सड़क किनारे धूल और धुएं के संपर्क में आने से बचें।
-
निर्माण स्थलों के आसपास अनावश्यक रूप से रुकने से बचें।
-
कचरा या सूखे पत्ते खुले में न जलाएं।
प्रशासन के सामने चुनौती
दिवाली से पहले आगरा की हवा को साफ रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। केवल पानी का छिड़काव और सफाई अभियान पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई और खुले में कचरा जलाने पर प्रभावी रोक भी जरूरी है।
शहीद नगर समेत शहर के प्रदूषित इलाकों में वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी और समय पर कार्रवाई से ही लोगों को राहत मिल सकती है। त्योहार की खुशियों के बीच सांसों पर मंडराता प्रदूषण का खतरा शहरवासियों के लिए गंभीर चिंता बना हुआ है।




