नई दिल्ली/मुंबई: देश की राजनीति में बयानबाजी का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राउत ने दावा किया है कि आने वाले समय में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तिहाड़ जेल जाना पड़ेगा। उनके इस बयान पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

अमित शाह पर क्यों भड़के संजय राउत?
संजय राउत की यह टिप्पणी महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े घटनाक्रम के बीच आई है। दरअसल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बैठक में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे जैसे नेता शामिल थे।
इस मुलाकात पर सवाल उठाते हुए राउत ने आरोप लगाया कि NCP के नेता बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का राजनीतिक अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म हो सकता है और उसके नेता अंततः बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार के निधन के बाद NCP की स्थिति बदल गई है और असली NCP शरद पवार की है।
राहुल गांधी को लेकर क्या बोले राउत?
राउत ने अपने बयान में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने का दावा करते हुए अमित शाह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे और उसके बाद अमित शाह तिहाड़ जेल जाएंगे। हालांकि, यह संजय राउत का राजनीतिक दावा और बयान है, इसे किसी संभावित कानूनी कार्रवाई या भविष्य के घटनाक्रम की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
अमित शाह भी राहुल गांधी पर साध चुके हैं निशाना
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच अमित शाह का राहुल गांधी पर दिया गया बयान भी चर्चा में है। हाल ही में शाह ने कहा था कि राहुल गांधी अगर प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो उन्हें पूरी जिंदगी मॉक संसद में ही रहना चाहिए, क्योंकि उनका प्रधानमंत्री बनने का नंबर नहीं आने वाला। शाह ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन की रैली पर भी निशाना साधा था।
महाराष्ट्र से दिल्ली तक सियासी संदेश
संजय राउत का यह बयान केवल राहुल गांधी और अमित शाह तक सीमित नहीं है। इसके जरिए उन्होंने महाराष्ट्र में NCP की अंदरूनी राजनीति और बीजेपी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। एक तरफ विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी तरफ बीजेपी विपक्षी दलों की रणनीति पर पलटवार कर रही है।
फिलहाल राउत के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अब देखना होगा कि बीजेपी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से इस टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया आती है।



