यूपी में विसर्जन जुलूस पर पथराव, प्रतिमा खंडित होने पर बवाल; पुलिस से नोकझोंक, 6 पुलिसकर्मी निलंबित
बस्ती | मुद्दा UP का डेस्क
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान प्रतिमा खंडित होने और पथराव के आरोपों के बाद हंगामा हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की। इस दौरान आयोजन समिति के सदस्यों और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने दो चौकी प्रभारियों समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल चौराहे के पास बिगड़ा माहौल
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना सोमवार देर रात बस्ती शहर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में हुई। विसर्जन के लिए निकली दुर्गा प्रतिमाओं का जुलूस अस्पताल चौराहे के पास पहुंचा था। इसी दौरान विवाद हुआ और एक प्रतिमा खंडित हो गई। घटना की जानकारी फैलते ही आयोजन समिति के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और विसर्जन रोक दिया।
हंगामे की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आयोजकों से बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की। प्रतिमा को मौके से हटाकर विसर्जन कराने को लेकर भी काफी देर तक बातचीत चली। बाद में पुलिस की मौजूदगी में प्रतिमा का विसर्जन कराया गया।
20 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा
रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायत के आधार पर 20 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में प्रतिमा खंडित करने, पथराव और महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ समेत कई आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। आरोपों की जांच और संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज तथा स्थानीय लोगों से मिली जानकारी की मदद ली जा रही है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले में जांच के निष्कर्ष और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
छह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने दो चौकी प्रभारियों समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। अधिकारियों के स्तर पर घटना के दौरान पुलिस की भूमिका और मौके पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की जा रही है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना और मामले की निष्पक्ष जांच करना है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना से जुड़े किसी भी अपुष्ट दावे या भड़काऊ संदेश पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
मुद्दा UP की अपील: किसी भी घटना की जानकारी साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। शांति बनाए रखें और जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या समुदाय को दोषी न ठहराएं।




