लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट ठगी के नेटवर्क का खुलासा, 4 ठिकानों पर छापे; 192 सिम स्लॉट वाले बॉक्स बरामद
डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के संदेह में लखनऊ पुलिस ने चार ठिकानों पर छापेमारी कर छह अवैध सिम बॉक्स समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की साइबर क्राइम टीम और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त अभियान चलाकर शहर के चार स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान छह अवैध 32-पोर्ट सिम बॉक्स बरामद किए गए, जिनमें कुल 192 सिम स्लॉट की क्षमता बताई गई है। पुलिस को संदेह है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर ठगी की वारदातों में किया जा रहा था।
चार अपार्टमेंट में हुई छापेमारी
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई सुशांत गोल्फ सिटी के स्वाति अपार्टमेंट, पारा के आदर्श विहार स्थित आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी के गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट के आदर्श नगर स्थित जीजे पैराडाइज में की गई।
छापेमारी के दौरान छह सिम बॉक्स के अलावा तीन वीपीएन गेटवे, 21 स्मार्ट स्विच, तीन स्मार्ट हब, चार इन्वर्टर और यूपीएस, 18 बैटरियां, एक टैबलेट, वाई-फाई राउटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी जानकारी के विश्लेषण के बाद इन ठिकानों की पहचान की गई। दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों से मिली जानकारी भी जांच में इस्तेमाल की गई।
कैसे काम करता है सिम बॉक्स नेटवर्क?
सिम बॉक्स एक ऐसा उपकरण है, जिसमें एक साथ कई सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। इंटरनेट आधारित कॉल को मोबाइल नेटवर्क के जरिए संचालित करने में इसका इस्तेमाल हो सकता है। वीपीएन और अन्य तकनीकी उपकरणों के साथ यह कॉल के वास्तविक स्रोत को छिपाने में मदद कर सकता है।
साइबर अपराधी कथित तौर पर इसी तकनीक का इस्तेमाल करके लोगों को फोन करते हैं और खुद को पुलिस, CBI या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराते हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, चारों ठिकानों को सौगात अस्थाना नाम के व्यक्ति ने किराये पर लिया था। पुलिस उसके और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि कॉल रिकॉर्ड और साइबर अपराधों से इनके संबंधों का पता लगाया जा सके।

मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की जांच जारी है।



