उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में भाजपा की पदयात्रा में शामिल होंगे। इससे पहले उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी यानी स्पष्टता, क्षमता और विश्वसनीयता का अभाव है।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि चुनावों में लगातार हार से उपजी निराशा को कांग्रेस और इंडी गठबंधन अराजकता की राजनीति में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनादेश का अपमान इसी मानसिकता का परिणाम है
लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा के लिए निकलेगी पदयात्रा’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा और जनता को अराजकता के खिलाफ जागरूक करने के संकल्प के साथ वह आज पदयात्रा में शामिल होंगे।
यह पदयात्रा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में आयोजित की जा रही है। पार्टी ने इसे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का हिस्सा बताया है।
महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से निकलेगी पदयात्रा
गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम का निर्धारित रूट महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर गोलघर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के निकट माता काली मंदिर तक रहेगा।
पदयात्रा का कार्यक्रम
शुरुआत
महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, गोरखपुर
समय
दोपहर 12:10 बजे
समापन
माता काली मंदिर, सरदार पटेल प्रतिमा के निकट
प्रमुख नेता
योगी आदित्यनाथ, नितिन नवीन और पंकज चौधरी
पदयात्रा के बाद संगठनात्मक बैठकें
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गोरखपुर दौरे में पदयात्रा के अलावा कई संगठनात्मक कार्यक्रम भी शामिल हैं। दोपहर में प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के साथ संवाद और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक प्रस्तावित है।
भाजपा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर रही है। गोरखपुर की यह पदयात्रा भी पार्टी के जनसंपर्क और राजनीतिक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

विपक्ष ने पदयात्रा पर उठाए सवाल
भाजपा के इस अभियान पर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने पदयात्रा को राजनीतिक स्टंट बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने की कोशिश कर रही है।
इस तरह लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।



