उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में अब उनके परिजनों और उनसे जुड़े ट्रस्ट की भूमिका भी चर्चा में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का दायरा बढ़ने की खबरों के बीच ट्रस्ट के पदाधिकारियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

इस मामले में यह जानना महत्वपूर्ण है कि ट्रस्ट की भूमिका क्या है, उसके पदाधिकारी कौन हैं और जांच एजेंसी किन वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारी कौन हैं?
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 1990 में आजम खां ने की थी। इसी ट्रस्ट के माध्यम से रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय का संचालन किया जाता है।
अमर उजाला और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रस्ट के पुराने और नए पदाधिकारियों की सूची इस प्रकार है।
| पद | नाम |
|---|---|
| संस्थापक अध्यक्ष | आजम खां |
| पूर्व सचिव | तजीन फातिमा |
| पूर्व कोषाध्यक्ष | निकहत अफलाक |
| पूर्व सदस्य | अदीब |
| पूर्व सदस्य | अब्दुल्ला आजम |
| उपाध्यक्ष | मुश्ताक अहमद सिद्दीकी |
| संयुक्त सचिव | नसीर अहमद खां |
| सदस्य | सलीम कासिम |
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट के पुनर्गठन के बाद निकहत अफलाक को अध्यक्ष और अदीब को सचिव बनाया गया है। नई कार्यकारिणी में मुश्ताक अहमद सिद्दीकी, नसीर अहमद खां, जावेद उर रहमान खान, मुमताज बी और शहरेयार सलीम भी शामिल हैं।
13 अक्टूबर को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम 13 अक्टूबर 2026 को सामने आया, जब ईडी की ओर से रामपुर के अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसमें जौहर ट्रस्ट को भी शामिल किया गया है।
जांच एजेंसी सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, निर्माण कार्यों में अनियमितताओं और ट्रस्ट को मिले चंदे के स्रोतों की पड़ताल कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रस्ट के कुछ सदस्यों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
क्या परिवार के सदस्यों पर भी होगी कार्रवाई?
जौहर ट्रस्ट में आजम खां के परिवार के कई सदस्य पदाधिकारी रह चुके हैं। ऐसे में ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान उनके नाम भी सामने आ रहे हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति का ट्रस्ट में पदाधिकारी होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। ईडी की जांच में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, वित्तीय दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। आजम खां और जौहर ट्रस्ट से जुड़े आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।



