उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड-डे मील योजना के तहत नया मेन्यू लागू किया जा रहा है। अब बच्चों को नियमित मध्याह्न भोजन के साथ मीठा हलवा और नमकीन उपमा भी परोसा जाएगा। धनतेरस से इसकी विधिवत शुरुआत की जा रही है।
यह व्यवस्था प्रधानमंत्री पोषण योजना (पीएम पोषण) के तहत लागू की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराना, भोजन में विविधता लाना और स्कूलों में उनकी उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है
नवंबर से फरवरी तक चलेगी नई व्यवस्था
शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह पूरक पोषाहार कार्यक्रम नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के तीसरे सप्ताह तक संचालित होगा। कुल 14 सप्ताह तक बच्चों को प्रत्येक शुक्रवार को अतिरिक्त खाद्य सामग्री दी जाएगी।
निर्धारित मेन्यू के मुताबिक:
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यूपी मे मिड डे मील योजना। महीने के पहले शुक्रवार को मीठा हलवा मिलेगा।
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महीने के तीसरे शुक्रवार को भी मीठा हलवा परोसा जाएगा।
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दूसरे, चौथे और पांचवें शुक्रवार को नमकीन उपमा दिया जाएगा।
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शुक्रवार को विद्यालय बंद होने की स्थिति में अगले कार्यदिवस पर वितरण किया जाएगा।
बच्चों को यह खाद्य सामग्री नियमित मिड-डे मील के अतिरिक्त मध्यावकाश के दौरान दी जाएगी।
हलवा और उपमा बनाने में इस्तेमाल होगी सूजी
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक बच्चे के लिए कम से कम 30 ग्राम सूजी का इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों व्यंजनों को तैयार करने के लिए अलग-अलग सामग्री निर्धारित की गई है।
| व्यंजन | निर्धारित सामग्री |
|---|---|
| मीठा हलवा | सूजी, घी, चीनी और कसा हुआ नारियल |
| नमकीन उपमा | सूजी, तेल, मौसमी सब्जियां, मूंगफली और मसाले |
इस व्यवस्था में प्रति बच्चे हलवा तैयार करने की अनुमानित लागत सात रुपये और उपमा की लागत चार रुपये निर्धारित की गई है।
रसोइयों को भी मिलेगा अतिरिक्त पारिश्रमिक
इस नई व्यवस्था से विद्यालयों में भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। हलवा और उपमा तैयार करने तथा वितरित करने के लिए रसोइयों को प्रति छात्र प्रति विद्यालय दिवस दो रुपये अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा।
इससे विद्यालयों में भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी संभालने वाली रसोइयों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
गुणवत्ता और वितरण की होगी निगरानी
योजना को निर्धारित मानकों के अनुसार लागू करने के लिए विद्यालयों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। सामग्री की खरीद स्थानीय स्तर पर की जाएगी। पैक्ड सामग्री के मामले में एफएसएसएआई मानकों और एक्सपायरी डेट का ध्यान रखना होगा।
इसके साथ ही विद्यालयों को लाभार्थी बच्चों की संख्या, खाद्य सामग्री के स्टॉक और वितरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। योजना की निगरानी के लिए विद्यालय प्रबंधन समितियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की गई है।
बच्चों को मिलेगा अतिरिक्त पोषण
उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल से बच्चों को नियमित मध्याह्न भोजन के साथ अतिरिक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी। सर्दियों के मौसम में हलवा और उपमा जैसे व्यंजनों को शामिल करने से बच्चों के भोजन में विविधता आएगी।
अब धनतेरस से शुरू होने वाली इस व्यवस्था के तहत प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शुक्रवार का मेन्यू पहले से अलग होगा। बच्चों को हर सप्ताह निर्धारित दिन के अनुसार मीठा हलवा या नमकीन उपमा दिया जाएगा।



