Karwa Chauth 2026: आचार्य उत्सव शुक्ल ने बताया पूजा का शुभ मुहूर्त, सामग्री और व्रत कथा का समय
लखनऊ | मुद्दा UP का डेस्क

करवा चौथ 2026 को लेकर व्रत रखने वाली महिलाओं के मन में पूजा के शुभ मुहूर्त, जरूरी सामग्री, व्रत कथा और चंद्रोदय के समय को लेकर कई सवाल हैं। इस संबंध में आचार्य उत्सव शुक्ल द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जानिए करवा चौथ की पूजा का सही समय, पूजा की थाली में रखी जाने वाली सामग्री और व्रत से जुड़ी प्रमुख परंपराएं।अगर आप भी करवा चौथ का व्रत रख रही हैं, तो पूजा का शुभ समय, चंद्रोदय, जरूरी पूजा सामग्री और व्रत कथा से जुड़ी जानकारी यहां जानिए।
Karwa Chauth 2026: कब है करवा चौथ?
इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात करीब 1:06 बजे शुरू हुई और रात करीब 10:09 बजे तक रहेगी। अलग-अलग शहरों में पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय के समय में अंतर हो सकता है।
करवा चौथ 2026 पूजा मुहूर्त
पूजा की तैयारी समय से पहले कर लेना बेहतर रहेगा। प्रकाशित पंचांग विवरणों के अनुसार, शाम का पूजा मुहूर्त लगभग 5:54 बजे से 7:08 बजे तक बताया गया है। हालांकि, यह समय स्थान के अनुसार बदल सकता है, इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग को भी जरूर देखें।
लखनऊ और कानपुर में कब निकलेगा चांद?
चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही परंपरागत रूप से व्रत खोला जाता है। उपलब्ध शहरवार समय के अनुसार:
- लखनऊ: रात करीब 8:06 बजे
- कानपुर: रात करीब 8:05 बजे
ये अनुमानित चंद्रोदय समय हैं। मौसम, बादलों और स्थानीय परिस्थितियों के कारण चांद दिखाई देने में देर हो सकती है।
करवा चौथ पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट
पूजा से पहले थाली में ये सामग्री रख लें:
- करवा या मिट्टी का पात्र और जल
- पूजा की थाली, दीपक, घी और रुई की बाती
- रोली, कुमकुम, अक्षत और हल्दी
- फूल, धूप-अगरबत्ती और मिठाई
- फल और अन्य पारंपरिक भोग
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए लोटा
- छलनी
- भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की तस्वीर या प्रतिमा
- करवा चौथ व्रत कथा की पुस्तक
परिवार और क्षेत्र की परंपराओं के अनुसार पूजा सामग्री में कुछ अंतर हो सकता है।
करवा चौथ की पूजा और व्रत कथा कब सुनें?
शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा की तैयारी करें। भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का पूजन करने के बाद करवा चौथ की व्रत कथा सुनने या पढ़ने की परंपरा है। कथा के दौरान महिलाएं पूजा में शामिल होकर व्रत की धार्मिक मान्यताओं का स्मरण करती हैं।
पूजा और कथा का क्रम परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है। बेहतर होगा कि पूजा स्थानीय पंचांग में दिए गए मुहूर्त के भीतर पूरी कर लें।
चांद निकलने पर कैसे खोलें व्रत?
- चंद्रमा दिखाई देने पर पूजा की तैयारी करें।
- परंपरा के अनुसार चंद्रमा को जल से अर्घ्य दें।
- कई परिवारों में छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति को देखने की रस्म निभाई जाती है।
- पूजा पूरी होने के बाद जल ग्रहण कर व्रत खोला जाता है।
- व्रत खोलने के बाद हल्का भोजन करना सुविधाजनक हो सकता है।
करवा चौथ व्रत रखने वालों के लिए जरूरी बात
कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, लेकिन लंबे समय तक पानी न पीना हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होता। गर्भवती महिलाओं, अस्वस्थ लोगों, नियमित दवा लेने वालों या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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