UP Cabinet Meeting Today: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज होने वाली उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने समेत दो दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में अहम रहेंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में शिक्षा, सड़क और बुनियादी ढांचे समेत विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। सबसे अहम प्रस्ताव माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित है।
बैठक में दो दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिल सकती है कैशलेस चिकित्सा सुविधा
यूपी कैबिनेट की बैठक में सहायता प्राप्त (एडेड), वित्तविहीन और संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार इन कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है।
यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो संबंधित कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च के मामले में राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना
कैबिनेट की बैठक में प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने से जुड़े प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना पर विचार किए जाने की संभावना है।
इसके अलावा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन से जुड़े प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। इन परियोजनाओं से संबंधित निर्णय प्रदेश में सड़क परिवहन और कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।
स्कूलों में स्थानीय अवकाश कम रखने के निर्देश
जनगणना और चुनाव संबंधी गतिविधियों के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका के बीच स्थानीय अवकाश न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करना और निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा कराना है।
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रशासनिक गतिविधियों के कारण छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन प्रभावित न हो।
कैबिनेट के फैसलों पर रहेगी नजर
उत्तर प्रदेश कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा विभाग और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय होने की संभावना है। खास तौर पर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर सबकी नजर रहेगी।
बैठक के बाद प्रस्तावों को मिली मंजूरी और सरकार के आधिकारिक फैसलों के आधार पर संबंधित योजनाओं की स्थिति स्पष्ट होगी।



