नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिवों की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों, आगामी कार्यक्रमों, देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के बीच पार्टी की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल हैं।

BJP की बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल?
बैठक में भाजपा के वरिष्ठ संगठनात्मक नेताओं ने हिस्सा लिया। इनमें पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष, स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, सुनील बंसल, सतीश पूनिया, संजय भाटिया और बिप्लब कुमार देब सहित अन्य नेता शामिल बताए गए हैं। बैठक का उद्देश्य संगठन की आगामी कार्ययोजना और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श करना है।
पांच राज्यों के चुनाव पर नजर
बैठक का एक अहम पहलू आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां हैं। भाजपा के सामने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में होने वाली चुनावी गतिविधियों के लिए संगठन को मजबूत करने की चुनौती है।
इन राज्यों में पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और आगामी राजनीतिक अभियानों को लेकर रणनीति बनाए जाने की संभावना है। हालांकि, बैठक में प्रत्येक राज्य के लिए तय किए गए विशिष्ट फैसलों का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
SIR और विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों पर भी मंथन
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन के नेता इस प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा की बैठक में विपक्ष के अभियान के बीच पार्टी की रणनीति और राजनीतिक संवाद पर चर्चा होने की बात सामने आई है।
विपक्षी दलों ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने की योजना बनाई है। इस रैली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विरोध जताया जाना है। ऐसे में भाजपा की संगठनात्मक बैठक को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष के आरोपों और भाजपा के रुख को अलग-अलग समझना जरूरी है; आरोप अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं हैं।
संगठन को मजबूत करने की तैयारी
बैठक में आगामी कार्ययोजना और पार्टी के कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई। भाजपा नेतृत्व का जोर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर है। बैठक से निकलने वाले फैसलों और चुनावी राज्यों के लिए घोषित कार्यक्रमों पर अब नजर रहेगी।



